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धर्म/संस्कृति विचार

लड्डु गोपाल के जन्म दिवस। (भोजपुरी)

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वीरगंज । जन्माष्ट्मी पर्व भगवन श्री कृष्ण के जन्म के रुप में मनावल जाला। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष के अष्टमी के दिन श्री कृष्ण के जन्म रोहिणी नक्षत्र में देवकी आ बासुदेव के अठवा पुत्र के रुप में मध्य रात्री में भईल रहे। श्री कृष्ण के जन्म मथुरा के राजा उग्रसेन के बेटा कंस के वध करे खातिर भईल रहे काहे की कंस बहुत ही अत्याचारी रहलन।

श्री कृष्ण जन्माअष्टमी के बहुत महत्त्वपूर्ण महत्त्व होला। एह दिन विधि-विधान से पुजा अर्चना कईला से सारा मनोकामना पुर्ण होला। एह दिन पुजा अर्चना कईला से निसंतान लोग के संतान के भी प्राप्ती होला।

धर्म शास्त्र के अनुसार एह दिन उपवास रखला से मोक्ष के प्राप्ती होला आ भगवान श्री कृष्ण के भक्ती प्राप्त होला। धर्म शास्त्र के अनुसार ईहो मानल जाला की भगवान बिष्णु धर्ती पर पापियन दुराचारियन के अंत करे खातीर श्री कृष्ण के रुप में अवतार लेहले रहन। श्री कृष्ण के जन्म दिवस के समय बर्खा के भी रफ्तार खुब बढल रहे एहिसे जन्माअष्टमी के दिन हमनी के बर्खा देखे के मिलेला। जन्माअष्टमी के त्योहार विभिन्न रंग रुप में मनावल जाला। कहीं रंग के होली त कहीं फुल के सुगंध कहीं दही हांडी फोडे के जोश त कहीं एह अवसर पर लड्डु गोपाल के जीवन के मनमोहक छवि देखे के मिलेला।

मंदिर के विशेष रुप से सजावल जाला भक्त लोग एह अवसर पर व्रत तथा उपवास के पालन करेला लोग। एह दिन मंदिर में झांकी सजावल जाला लड्डु गोपाल के झुला झुलावल जाला आ कृष्ण रासलीला के आयोजन भी कईल जाला। उपवास में बदाम चाहे अखरोट अथवा ड्राई फ्रुट्स खईला से ईम्युनिटी पावर बढिया रहेला आ पूरा दिन शरिर में एनर्जी के काम करेला।

लेखिका प्रिया मिश्रा “मनु” जी के लेख

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