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पत्नी लडत चुनाव बाडी,
पति जोडत हात बा। (भोजपुरी कविता)

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पत्नी लडत चुनाव बाडी
पति जोडत हात बा,
४ वरिषसे भुलाईल नेता,
आज लउकत गाँवे गाँव बा।
आवते चुनाव उलोग करत
समाजसेवा के काम बा।

ना बोले के लुर ,ना शिक्षासे
भईल भेंट बा,आ अपना के
शिक्षित वतावत
जनता से माँगत भोट बा।
पति जोडत हात बा,
पत्नी लडत चुनाव बाडी

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लगे आवत चुनाव बा, गाँव
गाँवमें बढल प्रचार बा।
जे कहियो एगो कुकुरा के
खाना ना देले होइ
आज “कम्बल वितरण”
के नाम पर उडावत गरिबनके
मजाक बा।
पति जोडत हात बा
पत्नी लडत चुनाव बाडी

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पत्नी के उम्मेदवारी से
पति आपन नामके करत प्रचार बा
पत्नी नेतृ कम आ पति भइल
हाइकामान बा पत्नी रहे घरमें
पति करत प्रचार बा
पति जोडत हात बा
पत्नी लडात चुनाव बाडी

लेखक:- भोजपुरिया बबुवा

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