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पत्नी लडत चुनाव बाडी,
पति जोडत हात बा। (भोजपुरी कविता)

पत्नी लडत चुनाव बाडीपति जोडत हात बा,४ वरिषसे भुलाईल नेता,आज लउकत गाँवे गाँव बा।आवते चुनाव उलोग करतसमाजसेवा के काम बा। ना बोले के लुर…

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मौनता (कविता)

जिवन एक यात्रा हो सोचेर बस्न सकिन्न,बगेका खोला कहिले फकेर आउन सकिन्न। कण कण साँचेर बुनेका ति मिठा सम्बन्धहरु,एउटा सानो घटनाले टुट्न सकिन्न ।…

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बाबु जी : भोजपुरी कविता

खुनके सामान पसिना गिराई ।सब दिन राखेनी परिवारके हँसाई ।।ना करेनी कबहु केहुके बुराई ।आपन दुख लुकाई छिपाई ।। खुद अपने पुरान कपडा लगाई…

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