प्यार (भोजपुरी कविता )
केहू कूछऊ कही त तू बूझीय प्यार भईलबाबीना बोल्ले ही सब समझे त नैनाचार भईलबागजबके हाल बा दिलके कि कूछ बूझाला ना मीलकेकि शक्ति…
केहू कूछऊ कही त तू बूझीय प्यार भईलबाबीना बोल्ले ही सब समझे त नैनाचार भईलबागजबके हाल बा दिलके कि कूछ बूझाला ना मीलकेकि शक्ति…
पत्नी लडत चुनाव बाडीपति जोडत हात बा,४ वरिषसे भुलाईल नेता,आज लउकत गाँवे गाँव बा।आवते चुनाव उलोग करतसमाजसेवा के काम बा। ना बोले के लुर…
जिवन एक यात्रा हो सोचेर बस्न सकिन्न,बगेका खोला कहिले फकेर आउन सकिन्न। कण कण साँचेर बुनेका ति मिठा सम्बन्धहरु,एउटा सानो घटनाले टुट्न सकिन्न ।…
नजर से नजर के वॉर होखत रहे -२ओही दिन से प्यार होखत रहे । रंग लाल दुपटा और होठ मासूम के ,नयन तिरछी कटार…
खुनके सामान पसिना गिराई ।सब दिन राखेनी परिवारके हँसाई ।।ना करेनी कबहु केहुके बुराई ।आपन दुख लुकाई छिपाई ।। खुद अपने पुरान कपडा लगाई…
पर्सा ।बेटी हई आँगनके फूल ।चलता जेकरासे सारी कुल ।।खुदे दुख सहके देखावेली ई संसार ।ऐहिसे त बारी बेटी महान् ।। देहल हई भगवानके…